Principal Desk

Mr. J.P. Mishra, P.E.S.

Principal DIET, Khairabad, Sitapur

प्रिय शिक्षक,

 

आपको शैक्षिक विकास एवं नैतिक दायित्व का पर्याप्त अनुभव है, कौशलपूर्ण कार्यों से शैक्षिक प्रक्रियाओं की सुदृढ़ता एवं विकास का रास्ता आपके द्वारा सम्पादित कार्यों के पथ से होकर गुजरता है इस शैक्षणिक अनुभवों को आपस में बांट लेना एवं प्रेरित होना ही डायट का तकनीकी उद्देश्य है। शिक्षा के आधुनिकीकरण के साथ ही छात्र, शिक्षक और समाज के बीच एक खाई उत्पन्न हो गई है उस खाई को भरने हेतु शिक्षा के मूल कारणों में कहीं ऐसा तो नहीं है कि हम सभी अपने कर्तव्य से विमुख होकर अधिकारों की ओर बढ़ते जा रहे हैं जिसके कारण कर्तव्य भावना पर प्रश्न चिह्न लग रहा है, कुछ भी हो हमें अपनी सकारात्मक सोच विकसित करनी है तथा लक्ष्य को प्राप्त करना है, निःसन्देह शिक्षक की भूमिका समाज के लिए अह्म है, आप प्रत्येक घर को समाज से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, सभी प्रश्नगत बिंदुओं के साथ आगे बढ़ने के लिए लगन और विश्वास की भावना जागृत करने की आवश्यकता है, इस हेतु क्रियात्मक एवं सकारात्मक पहल से लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शपथबद्ध हों।

 

विश्व बंधुत्व और वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के साथ शैक्षिक यात्रा में चलते हुए सेवा के वर्ष पूर्ण कर पुनः विद्यालय में स्वेच्छा से सहयोग एवं समाज के बच्चों के प्रति लगनपूर्वक संलग्न रहने की अपेक्षा आपसे है, शिक्षा समाज की उन्नति एवं समृद्धि के पुंज की भांति है, जिससे व्यक्ति विभिन्न कौशलों में दक्ष होकर देश की सेवा करता है, शिक्षा से पूर्ण शिक्षक जो समाज के विभिन्न वर्गों के बच्चों को अनुभव एवं शिक्षण कला के द्वारा शिक्षित कर राष्ट्र के लिए तैयार कर देश की सेवा में अह्म भूमिका निभाता है, वह सम्मानित एवं आदरणीय है, जनपद स्तर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अपने उपलब्ध संसाधनों से उन शिक्षकों को शिक्षण कला में पारगंत करने के दायित्व का निर्वहन करता है, जो किसी भी परिवार के मुखिया के साथ गुरू के रूप में प्राथमिक विद्यालयों में उत्कृष्ट सेवा करने के लिए प्रयासरत है, संस्थान आपके अनुभवों, सद्गुणों एवं प्रभावी शिक्षण विधाओं का उपयोग कर छात्र-छात्राओं के भविष्य निर्माण करना चाहता है, विभिन्न प्रशिक्षणों के माध्यम से आपकी शिक्षण क्षमता का लाभ अन्य शिक्षकों में लौटाकर जनपद के शैक्षणिक स्तर को समृद्ध एवं समुन्नत बनाना है, आशा है कि आप हमारे मन्तव्य को समझ सकेंगे, जो राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी होगी।

  जय हिन्द
जय शिक्षक।।